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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 फरवरी को, 19 साल तक के बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दी जाएगी दवा

हरदोई: एक से 19 साल की आयु के बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए 10 फरवरी को हरदोई सहित 56 जिलों मे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि कृमि मुक्ति अभियान का आयोजन साल में दो बार किया जाता है। हर साल की भांति इस साल भी कृमि मुक्ति दिवस ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मनाया जाएगा। यह अभियान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मनाया जाएगा।

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कृमि मुक्ति दिवस पर 3893 सरकारी और 1663 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों सहित 5556 कुल स्कूलों तथा 3930 आंगनबाड़ी केंद्र के एक से 19 वर्ष के लगभग कुल 19.55 लाख बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाई जाएगी, जो बच्चे इस दिन दवा खाने से वंचित रह जाएंगे उन्हें 13 से 15 फरवरी के मध्य मॉप अप राउंड के दौरान स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी ।

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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि एक से दो साल की आयु के बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर चूरा बनाकर खाई जानी है तथा दो से 19 साल की आयु के बच्चों को एक गोली चबाकर खिलाई जाएगी।

डा. समीर वैश्य ने बताया कि अंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत एक से पाँच साल की आयु के बच्चों तथा 6 से 19 साल की आयु के स्कूल न जाने वाले सभी बालक एवं बालिकाओं, ईंट भट्टों पर काम करने वाले तथा घुमंतू लोगों को आंगनबाड़ी केंद्र पर आँगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से दवा खिलायी जाएगी। इसी तरह सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों मदरसों के छह से 19 साल की आयु के बच्चों को शिक्षकों के माध्यम से दवा खिलायी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा बीमार तो नहीं है या पहले से किसी बीमारी की दवा तो नहीं खा रहा है। बच्चे में खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि के लक्षण हैं ऐसे में बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा नहीं खिलानी है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी इन्द्रभूषण सिंह ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं उनमें खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर हो जाते हैं ।

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