चांद पर सफल लैंडिंग के साथ ही भारत ने इतिहास रच दिया है. चंद्रयान-3 आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंड हुआ.

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने वाला भारत पहला देश बन गया है. इसके पीछे इसरो टीम की कड़ी मेहनत और प्रतिज्ञा है

चंद्रयान-3 के मिशन को अंजाम देने वाले इन गुमनाम हीरोज ने ही भारतवासियों को गर्व करने का मौका दिया है.

चलिए आज उन हीरोज के बारे में जान लेते है ?

श्रीधर पणिक्कर सोमनाथ, इसरो चेयरमैन शिक्षा:  केरल विश्वविद्यालय, भारतीय विज्ञान संस्थान वर्तमान सेवारत :  इसरो के 10वें अध्यक्ष

· पी वीरमुथुवेल · प्रोजेक्ट डायरेक्टर, चंद्रयान मिशन - 3 · शिक्षा:  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास से IITM में ग्रेजुएशन

एस. उन्नीकृष्णन नायर · विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के नए डायरेक्टर  · शिक्षा · B.TECH. मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केटल विश्वविद्यालय · IISC बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, 

ए राजराजन सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र SHAR के डायरेक्टर

कल्पना के चंद्रयान 3 मिशन की डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर 

रितु करिधल श्रीवास्तव इसरो की वरिष्ठ वैज्ञानिक भारत के मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) उप संचालन निदेशक रही हैं.

चांद की जमीन पर उतरा चंद्रयान 3 ISRO ने कर वह कर दिखाया… जिसे अमेरिका, जापान और चीन भी न कर सका