क्रय केंद्रों से खरीदे गए धान का उठान काफी धीमी गति से हो रहा है। इससे क्रय केंद्रों पर धान के चट्टे लग गए हैं। केंद्रों पर जगह के अभाव में खरीद प्रभावित होने लगी है जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने इस पर नाराजगी जताई। साथ ही उठान कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने एडीएम समेत सभी एसडीएम को धान के उठान पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित लक्ष्य 13 लाख 50 हजार क्विंटल के सापेक्ष विपणन विभाग व सात एजेंसियों के कुल 91 क्रय केंद्रों पर 9 लाख क्विंटल धान की खरीद
जनपद में बुधवार की शाम तक निर्धारित लक्ष्य 13 लाख 50 हजार क्विंटल के सापेक्ष विपणन विभाग व सात एजेंसियों के कुल 91 क्रय केंद्रों पर 9 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है।
विपणन विभाग के आंकड़ों के मुुताबिक खरीदे गए धान में से 8 लाख क्विंटल धान राइस मिलर्स को दे दिए गए हैं। जबकि 1 लाख क्विंटल से अधिक धान क्रय केंद्रों पर भंडारित है।
पिछले कई दिनों से क्रय केंद्रों पर क्षमता से अधिक धान भंडारित होने व जगह के अभाव में खरीद प्रभावित होने की शिकायत मिल रही हैं। बुधवार को शाहाबाद में किसानों ने इसको लेकर हंगामा भी काटा। पूरे मामले में डीएम अविनाश कुमार ने उठान की खराब गति पर नाराजगी जताई है।
डीएम ने कहा कि केंद्रों पर जिस गति से खरीद हो रही है, उसी गति से उठान सुनिश्चित कराया जाए। केंद्र पर एक या दो दिन से अधिक समय तक धान भंडारित न रखा जाए। कहा कि अगर कहीं भी उठान न होने की जानकारी मिली तो संबंधित एजेंसी व केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने एडीएम संजय कुमार व सभी एसडीएम को प्रतिदिन उठान की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इधर, डीएम के निर्देश के बाद गुरुवार से ही क्रय केंद्रों से युद्ध स्तर से धान का उठान शुरू करा दिया गया है। गुरुवार को पूरे दिन क्रय केंद्रों से उठान जारी रहा।
डीएम अविनाश कुमार के निर्देश पर बुधवार की शाम एडीएम संजय कुमार सिंह व डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडेय ने कलक्ट्रेट में राइस मिलर्स के साथ बैठक की। साथ ही उठान में आ रही परेशानी के बारे में चर्चा की। एडीएम ने कहा कि केंद्रों पर खरीद की रफ्तार बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
एडीएम संजय कुमार सिंह ने पिहानी में खोले गए मक्का क्रय केंद्र को हरदोई मंडी स्थानांतरित किए जाने का आदेश जारी किया है। बताया कि पिहानी क्षेत्र में स्थित केंद्र पर आने वाले किसानों की संख्या कम थी, केंद्र अपेक्षित रफ्तार से खरीद नहीं हो पा रही थी। इसके चलते केंद्र को हरदोई मंडी स्थानांतरित कर दिया गया है।







