Rampur News। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान (Abdullah Azam) को दो पासपोर्ट मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें जमानत भी प्रदान कर दी है। हालांकि अन्य मामले में सजा के कारण फिलहाल उनकी रिहाई संभव नहीं हो सकेगी।
गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज हुआ था। भाजपा नेता और रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग विवरणों के आधार पर दो पासपोर्ट हासिल किए थे। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई थी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दिसंबर 2025 में अपना निर्णय सुनाते हुए अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) को दोषी करार दिया था। उस फैसले में उन्हें सात वर्ष के कारावास के साथ 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया था।
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निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) की ओर से विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में अपील दाखिल की गई। उनके अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अपील पर विचार करने के बाद अदालत ने पूर्व आदेश को रद्द करते हुए राहत प्रदान की है।
अधिवक्ता ने कहा कि प्रत्येक मुकदमे का निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी न्यायालय से उचित निर्णय प्राप्त होगा।
इस बीच अदालत परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। हालांकि पासपोर्ट मामले में राहत मिलने के बावजूद अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) को तत्काल जेल से रिहाई नहीं मिल सकेगी, क्योंकि दो पैन कार्ड से जुड़े एक अन्य मामले में उन्हें मिली सजा अभी प्रभावी है।
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