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छोटा राजन का शॉर्प शूटर खान मुबारक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, हरदोई की जेल में था बंद

हरदोई: जिला कारागार हरदोई में बंद माफिया खान मुबारक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। खबर मिलते ही एसपी राजेश द्विवेदी जिला कारागार पहुंचे। कुख्यात खान मुबारक की मौत से हड़कंप मच गया । मुबारक लंबे समय से हरदोई की जेल में बंद था। हालत बिगड़ने पर अस्पताल में उसको भर्ती कराया गया था। पिछले लंबे समय से कई मुकदमों को लेकर वो हरदोई जेल में निरुद्ध किया गया था।

इस घटना की जानकारी के बाद जेल और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। तबीयत बिगड़ने के बाद मुबारक को हरदोई जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।

खान मुबारक पर 44 मुकदमे थे दर्ज, अंपायर को मारी थी गोली

खान मुबारक पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों के पुलिस थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, वसूली और गैंगस्टर समेत तमाम संगीन धाराओं में 44 मुकदमे दर्ज थे। सबसे चर्चित मामला था कि क्रिकेट मैच के दौरान जब अंपायर ने उसे आउट करार दे दिया था तो उसने उसे गोली मार दी थी।

वर्ष 2012 में महाराजगंज के टांडा तहसील के बहुचर्चित भट्ठा व्यवसायी औऱ ट्रांसपोर्टर कारोबारी की हत्या कर से माफिया खान मुबारक चर्चा में आया था। माफिया खान मुबारक अपने बड़े भाई की तरह ही अंबेडकरनगर में अपराध की दुनिया में आया था। अंडरवर्ल्ड डॉन खान जफर के भाई खान मुबारक ने डॉक्टर और कारोबारियों को रंगदारी के लिए निशाना बनाया।

मुंबई के काला घोड़ा हत्याकांड से खान मुबारक चर्चा में आया था, जब कैदियों को लेकर जा रही वैन में दो कैदियों की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें मुबारक का नाम आया था। 2006 में उसने बसपा के एक नेता पर जानलेवा हमला कराया, छह गोलियां लगने के बावजूद वो बच गया तो 2008 में दोबारा हमला कराया, जिसमें नेता की मौत हो गई।

रेलवे स्क्रैप को लेकर मुन्ना बजरंगी से उसकी दुश्मनी चल रही थी। कहा जाता है कि माफिया डॉन मुख्तार अंसारी ने दोनों के बीच समझौता कराया था।

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